Sunburn Goa 28-30 Dec 2024:एशिया की सबसे बड़ी पार्टी

Sunburn Goa 28-30 Dec 2024: एशिया की सबसे बड़ी पार्टी: गोवा में मचने वाला है बवाल!

अगर 2024 का एंड पूरी धूम-धड़ाके और मस्ती के साथ करना चाहते हो, तो धारगाल, गोवा में मिलने का प्लान बना लो! एशिया की सबसे बड़ी पार्टी और दुनिया की 11वीं सबसे पॉपुलर न्यू ईयर सेलिब्रेशन यहां होने जा रही है। 28 से 30 दिसंबर,तीन दिन का ऐसा तगड़ा फुल ऑन धमाल, जो आपको जिंदगीभर याद रहेगा।#Sunburn Goa 28-30 Dec 2024

पार्टी की डिटेल्स

• 🗓 डेट: 28 से 30 दिसंबर 2024

• 🕑 टाइम: दोपहर 2 बजे से शुरू

• 📍 लोकेशन: धारगाल, गोवा

• 💸 टिकट: सिर्फ ₹7500 (तीन दिन का पास)

अब थोड़ा एक्साइटेड हो गए ना? चलो अब बताते हैं कि यहां मिलेगा क्या!

पार्टी में क्या होगा?

म्यूजिक जो होश उड़ा देगा

इस पार्टी में परफॉर्म करेंगे दुनिया के सबसे तगड़े DJs, जिनकी बीट्स पर आपके पैर खुद-ब-खुद थिरकने लगेंगे:

  • स्क्रिलेक्स: Dubstep का बादशाह, जिसकी धुनें आपको झूमने पर मजबूर कर देंगी।
  • एलेसो: इसके Progressive House ट्रैक सुनते ही सब भूल जाओगे।
  • पेगी गाउ: Underground बीट्स का जलवा, जो आपके अंदर की एनर्जी बाहर लाएगी।
  • केएसएचएमआर: देसी तड़के वाला EDM किंग, जो रातभर आपको थकने नहीं देगा।
  • आर्गी: Melodic Techno का जादूगर, जो आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा।

अनलिमिटेड मस्ती

Unlimited Drinks: भाई, यहां दारू का कोई काउंट नहीं है। जितनी मर्जी, उतनी पी लो।

72 घंटे की नॉनस्टॉप म्यूजिक: एक बार शुरू हुई बीट्स, तो बंद होने का सवाल ही नहीं।

ग्लोबल क्राउड: सिर्फ इंडिया ही नहीं, दुनिया भर से बंदे और बंदियां आएंगी। सोचो, कितने नए चेहरों से मुलाकात होगी!

गोवा: सिर्फ पार्टी नहीं, उससे ज्यादा

गोवा की हवा में ही मस्ती है, लेकिन इस बार माहौल और हॉट होने वाला है।

बीच और रोमांस: नए लोगों से मिलो, बातें करो और अगर बात बन जाए, तो चांदनी रात में बीच पर स्पेशल मोमेंट्स एंजॉय करो।

Vibes: यहां का क्राउड हॉट, कूल और फुल ऑन एंटरटेनिंग रहेगा।

क्यों आना चाहिए इस पार्टी में?

• यहां कोई रोक-टोक नहीं। बस मस्ती करनी है।

• Unlimited Drinks, Best Music और दुनियाभर के लोग।

ये पार्टी नहीं, लाइफ का सबसे हसीन एडवेंचर होने वाला है।

बुकिंग कैसे करें?

एडवांस बुकिंग: ₹7500 में तीन दिन का पास।

• जल्दी करो, क्योंकि सीट्स लिमिटेड हैं।

गोवा चलें?

तो बस सोचो मत, बैग पैक करो और निकल पड़ो धारगाल, गोवा। इस बार नए साल की शुरुआत होगी सबसे तगड़ी पार्टी के साथ। जिंदगी जीनी है तो ऐसा मौका मिस मत करना।

28 दिसंबर से शुरू हो रहा है पागलपन। वहां मिलते हैं—जैसा गोवा का वादा, वैसा मस्ती भरा इरादा!

TikTok पर Olive Garden के ब्रेडस्टिक का रहस्य: viral story

TikTok पर Olive Garden के ब्रेडस्टिक का रहस्य: viral story: TikTok पर अजीबो-गरीब चीज़ें बहुत वायरल होती हैं, और इस बार Olive Garden के ब्रेडस्टिक सुर्खियों में हैं। एक TikTok यूज़र ने एक 10 सेकंड का वीडियो पोस्ट किया जिसमें उनके ब्रेडस्टिक पर हल्के अक्षर दिख रहे थे। उन्होंने पूछा, “मेरे Olive Garden ब्रेडस्टिक पर क्यों अक्षर हैं?” बस फिर क्या था, यह सवाल एक वायरल रहस्य बन गया, और इंटरनेट पर ढेर सारी बातें, जोक्स और यहां तक कि Olive Garden का आधिकारिक जवाब भी आ गया।

आइए, जानते हैं इस वायरल ब्रेडस्टिक की कहानी को जो इंटरनेट और Olive Garden दोनों को सोचने पर मजबूर कर गई।

वायरल वीडियो

वीडियो बेहद साधारण था: एक ब्रेडस्टिक, मरीनेरा सॉस और ब्रेड की सतह पर हल्के अक्षर। लेकिन ये अजीब था, और इसलिए इसने तुरंत ध्यान आकर्षित किया। TikTok के कमेंट सेक्शन में हंसी और सट्टा शुरू हो गया।

एक यूज़र ने मजाक किया, “Olive Garden भी चिंतित है,” क्योंकि इस ब्रांड ने जल्दी से जवाब दिया। कुछ लोग ये सोच रहे थे कि “ये ब्रेडस्टिक फ्रीजर की पैकेजिंग से आ सकता है,” जबकि कुछ ने कहा, “नमीयुक्ती के कारण ये अक्षर ब्रेड पर आ गए होंगे।” वीडियो बनाने वाले क्रिएटर ने भी मजाक में जवाब दिया, “क्या आपने इसे खाया?”

Olive Garden का जवाब

TikTok ने ब्रांड्स और यूज़र्स के बीच दिलचस्प बातचीत को दिखाया, जब Olive Garden ने इस वायरल वीडियो पर ध्यान दिया और जवाब दिया:

“हमें यह देखकर चिंता हो रही है। क्या आप कृपया हमें social@olivegarden.com पर अपना नाम और आप कहां गए थे, इसकी जानकारी भेज सकते हैं?”

इस जवाब ने और भी हंसी और चर्चाएं बढ़ा दीं। फिर Olive Garden ने एक और वीडियो में खुलासा किया कि उन्होंने इस मामले को सुलझा लिया है—$100 का ई-गिफ्ट कार्ड और एक धन्यवाद नोट भेजा। इस कदम ने यह साबित किया कि ब्रांड अपनी ग्राहक सेवा के लिए गंभीर है, चाहे मुद्दा जितना भी अजीब क्यों न हो।

अक्षरों का कारण क्या था?

अब तक, कोई नहीं जानता कि ब्रेडस्टिक पर अक्षर क्यों थे, लेकिन TikTok उपयोगकर्ताओं और पूर्व Olive Garden कर्मचारियों ने कुछ मजेदार सिद्धांत दिए:

पैकेजिंग इम्प्रिंट: कई लोगों का कहना था कि अक्षर पैकेजिंग के कारण हो सकते हैं। एक यूज़र ने बताया, “ये उस प्लास्टिक बैग से हो सकते हैं जिसमें ब्रेडस्टिक आते हैं।”

नमीयुक्ति: कुछ ने इसे अस्थायी टैटू की तरह बताया, यह सोचते हुए कि नमी के कारण अक्षर ब्रेड पर ट्रांसफर हो गए होंगे।

मानवीय गलती: एक पूर्व कर्मचारी ने कहा, “कभी-कभी ‘टू-गो’ ऑर्डर को वापस पैन में डाल दिया जाता है और अगर वह गीला हो गया हो तो ऐसा हो सकता है।”

यह पल वायरल क्यों हुआ?

Olive Garden के ब्रेडस्टिक एक बहुत ही पहचानने योग्य और प्रिय खाद्य वस्तु हैं। जब कोई ऐसी चीज़ अचानक अजीब दिखे, तो वह तुरंत ध्यान खींचती है। यह वीडियो भी उसी तरह वायरल हुआ। इसके अलावा, यह हमें एक आम अनुभव भी दिखाता है—कभी न कभी सभी ने अपने खाने में कुछ अजीब पाया है और सोचा है, “यह कैसे हुआ?”

TikTok ने इस छोटी सी घटना को बड़े हंसी में बदल दिया। Olive Garden की मजेदार और प्रोफेशनल प्रतिक्रिया ने इसे और भी दिलचस्प बना दिया, यह साबित करते हुए कि कभी-कभी एक छोटी सी गलती भी एक बड़ा मजाक बन सकती है।

क्या हम कभी जान पाएंगे कि क्या हुआ था?

अभी तक ब्रेडस्टिक पर अक्षरों का रहस्य हल नहीं हुआ है। हो सकता है यह पैकेजिंग की वजह से हुआ हो, हो सकता है यह कुछ और हो। या शायद यह बस जीवन का एक अजीब आश्चर्य हो।

लेकिन एक बात तो तय है: इस ब्रेडस्टिक पल ने सबको याद दिला दिया कि TikTok और Olive Garden के ब्रेडस्टिक ही असली मजे का कारण हैं। अगली बार जब आप Olive Garden जाएं, तो अपने ब्रेडस्टिक को अच्छे से देखिए—यह शायद आपको कुछ और बता सके।

Concerned About Flight accidents in Bad Weather? खराब मौसम मैं हवाई जहाज:Chennai flight incident today

Concerned About Flight Accidents in Bad Weather?: An accident was averted in Chennai. On December 01, 2024 Due to bad weather in Chennai, Indigo flight failed to land, Pilot immediately decided to take off again. See video on X

Video: Chennai Airport today -India

Flying in bad weather might seem risky, but advancements in aviation technology ensure that flights remain safe under most conditions. Here’s a deeper look at the technology and systems that keep flights safe, even when the weather turns challenging:

1. Aircraft Design for Weather Resistance

Modern airplanes are engineered to withstand extreme weather conditions.

• Lightning Protection: Aircraft are designed as Faraday cages, meaning the outer shell safely conducts electricity around the plane without affecting passengers or systems. Lightning strikes are common but harmless to the plane.

• Wing Flexibility: Wings are highly flexible, allowing them to handle turbulence and strong winds without breaking.

• De-icing Systems: Aircraft have systems to prevent ice buildup on critical surfaces, such as wings and engines. For example, heated surfaces or pneumatic boots break up ice during flight.

2. Advanced Weather Radar Systems

Planes are equipped with state-of-the-art radar to monitor and avoid severe weather:

• Onboard Radar: Helps pilots detect storms, turbulence, and wind shear ahead, allowing them to adjust their route.

• Ground-Based Radar: Air traffic controllers use high-resolution weather data to guide planes safely around storms.

• Turbulence Detection: Modern systems can predict turbulence areas, enabling smoother flight paths.

3. Navigation and Autopilot Systems

Planes today rely on sophisticated navigation systems that can handle bad weather:

• Instrument Landing System (ILS): Helps planes land safely in low visibility by guiding them precisely to the runway.

• Enhanced Vision Systems (EVS): Use infrared cameras to provide pilots with a clear view, even in fog or heavy rain.

• Autopilot: Modern autopilot systems can manage most phases of the flight, including takeoff and landing in challenging conditions, reducing human error.

4. Turbulence Mitigation Technology

While turbulence can be uncomfortable, it’s rarely dangerous due to these technologies:

• Fly-by-Wire Systems: Automatically adjust the aircraft’s control surfaces to stabilize it during turbulence.

• Real-Time Data Sharing: Pilots receive turbulence updates from other planes and weather stations to avoid rough air.

5. Communication and Coordination

Constant communication ensures safety during bad weather:

• Pilot-ATC Coordination: Air Traffic Control (ATC) helps reroute planes around storms or adjust altitude to avoid bad weather.

• Satellite Communication: Enables real-time updates on weather and flight conditions, even over oceans.

6. Strict Regulations and Protocols

Airlines and regulatory authorities prioritize safety over schedules:

• Flights are delayed or canceled if conditions are deemed unsafe.

• Minimum visibility and wind thresholds ensure safe takeoff and landing.

How Pilots Handle Bad Weather

Pilots undergo extensive training to manage adverse conditions:

• Simulator Training: Pilots practice scenarios like crosswinds, turbulence, and lightning in high-fidelity simulators.

• Manual and Automatic Adjustments: They rely on both their skills and the aircraft’s automation to ensure smooth flights.

Key Takeaway

Flying in bad weather is safe thanks to cutting-edge technology, rigorous safety protocols, and highly trained pilots. Whether it’s turbulence, thunderstorms, or low visibility, modern aviation has robust systems in place to handle these challenges effectively.

मुंबई: बदलते रूप,अनगिनत कहानियां

मुंबई एक ऐसा शहर है जो हर पल एक नया रूप धारण करता है। इसकी कोई एक परिभाषा नहीं हो सकती। यह एक अवधारणा की तरह है, जो सपनों और इच्छाओं को उसी गति से रचता और तोड़ता है जैसे इसकी लोकल ट्रेनें दौड़ती हैं।

पायल कपाड़िया की फिल्म (All We Imagine As Light) ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट “मैक्सिमम सिटी” का एक अंतरंग और गहराई से देखा गया चित्रण है। लेकिन यह फिल्म मुंबई के रोमांटिक और महिमामंडित दृष्टिकोण को छोड़ देती है। फिल्म के शुरुआती दृश्यों में कपाड़िया मुंबई को संघर्ष का प्रतीक, एक चकाचौंध भरा सपना और एक ऐसा मृगतृष्णा प्रस्तुत करती हैं, जो जितना देती है, उससे कहीं अधिक छीन लेती है।

सामाजिक वर्गों की कहानियों से होती है शुरुआत
फिल्म की शुरुआत वर्किंग क्लास के बेनाम आवाज़ों से होती है, जो अपने-अपने मुंबई अनुभवों को साझा करते हैं। कोई कहता है कि दो दशकों तक यहां रहने के बावजूद, वह इसे अपना घर कहने से डरता है क्योंकि वह कभी भी यहां से निकलने को मजबूर हो सकता है। एक और व्यक्ति याद करता है कि जब वह पहली बार मुंबई आया था, तो मछलियों की बदबू के कारण रातभर सो नहीं पाया था।

जल्द ही फिल्म दो मलयाली नर्सों पर केंद्रित हो जाती है—प्रभा (कानी कुसरुति) और अनु (दिव्या प्रभा)। प्रभा, 30 की उम्र पार कर चुकी, खिड़की के पास खड़ी होकर रात के अंधेरे में खोई हुई है। दूसरी ओर, उसकी युवा रूममेट अनु सीट पर लेटी हुई दिनभर की थकावट मिटा रही है।

दो किरदार, दो अलग व्यक्तित्व
प्रभा और अनु उम्र ही नहीं, अपने व्यक्तित्व, इतिहास और रहस्यों में भी एकदम अलग हैं। प्रभा एक जिम्मेदार और शांत स्वभाव की महिला है, जो अपने अलग हो चुके पति की अनुपस्थिति से जूझ रही है। दूसरी तरफ, अनु युवा और साहसी है, जो एक मुस्लिम लड़के शियाज़ (ह्रिदु हारून) के साथ गुप्त रिश्ते में है और मुंबई की अनदेखी में इसे निभा रही है।

मुंबई से कोंकण के बीच बदलता परिदृश्य
118 मिनट की इस फिल्म का पहला भाग मुंबई के संघर्ष को दिखाता है। इंटरवल के बाद, फिल्म कोंकण के समुद्र तट गांव में स्थानांतरित होती है। पुनर्वास के कारण शहर छोड़ने को मजबूर परवती (छाया कदम) अपनी सहायक प्रभा और अनु के साथ गांव लौट जाती है। मुंबई की हलचल से विपरीत, इस शांत गांव में उन्हें वह स्वतंत्रता मिलती है जिसकी तलाश वे लंबे समय से कर रही थीं।

भावनाओं और राजनीति का कच्चा सच
फिल्म मुंबई की आत्मा में गहराई से जड़ें जमाए हुए है, लेकिन इसमें वैश्विक दृष्टिकोण भी झलकता है। यह एक सिनेमाई अनुभव है जो मीर नायर की फिल्मों की तरह कच्चा और निर्भीक राजनीतिक टिप्पणी से भरा है।

रणबीर दास की सिनेमैटोग्राफी और क्लेमेंट पिंटो की एडिटिंग इतनी तरल है कि दृश्य एक-दूसरे में घुल जाते हैं। प्रभा का अपने पति से बिना बात किए एक साल बाद एक राइस कुकर गिफ्ट मिलने का दृश्य दिल को छू जाता है। इसी तरह, समुद्र तट पर एक अजनबी से प्रभा की बातचीत उसे असली और कल्पना के बीच लाकर खड़ा कर देती है।

फिल्म का सशक्त संदेश
फिल्म का सबसे शक्तिशाली क्षण तब आता है जब अनु एक बुर्के का उपयोग अपनी यौन स्वतंत्रता को व्यक्त करने के लिए करती है। शियाज़ के घर में अकेले समय बिताने के लिए वह इसका इस्तेमाल करती है। हालांकि योजना असफल होती है, लेकिन उनकी अंतर्धार्मिक प्रेम कहानी दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ जाती है।

पायल कपाड़िया ने साधारण चीज़ों में असाधारणता खोजने की कला में महारत हासिल की है। ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट न केवल भारतीय सिनेमा का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खूब सराहा जा रहा है।

अंतत:-
2024 के अंत तक, यह फिल्म भारतीय सिनेमा में बदलाव की एक मिसाल है। इसकी निर्भीकता, कथा की सादगी और भावनात्मक गहराई इसे दर्शकों के दिलों में एक स्थायी स्थान देती है। यह फिल्म दर्शकों को यह याद दिलाती है कि भारतीय प्रतिभा को पहचानने के लिए विदेशी प्रशंसा की आवश्यकता क्यों नहीं होनी चाहिए।

Article by M.darshan

भारत कुमार -A positive web story of poor indian villager।कहानी छत्तीसगढ़

भारत कुमार -A positive web story: छत्तीसगढ़ में चरौदा नाम का एक छोटा सा कस्बा है,जिससे हममें से ज्यादातर लोग अपरिचित हैं, वहां भारत Bharat Kumar नाम का एक लड़का रहता था। वह एक कमजोर आर्थिक परिवार से हैं। उनके पिता एक बैंक में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे और उनकी माँ चाय की दुकान चलाती थीं

विपरीत आर्थिक परिस्थितियों को झेलने के बाद माँ बाप के आशीर्वाद से वे स्कूल के लिए केन्द्रीय विद्यालय चरौदा चले गये। 9वीं कक्षा में, महँगी फीस देने में असमर्थ थे, लेकिन स्कूल ने भी उन्हें फीस माफ करके मदद की, उन्होंने 12वीं कक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया और आईआईटी धनबाद में प्रवेश लिया।

जब पैसा फिर से एक मुद्दा बन गया, तो रायपुर के व्यवसायी अरुण बाघ और जिंदल ग्रुप ने उनकी मदद की। उन्होंने कॉलेज में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और आईआईटी धनबाद में 98% के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त किया।

इंजीनियरिंग में अपने 7वें सेमेस्टर के दौरान उन्हें इसरो में नौकरी मिल गई। और महज 23 साल की उम्र में चंद्रयान 3 पर काम करने का मौका मिला।

वह उनमें से हैं जो फीनिक्स की तरह राख से उठने’वाली कहावत का प्रमाण है। वह ‘विपरीत परिस्थितियों मैं कमल की तरह खिलने’ वाली कहावत का प्रमाण है।

हमारे आसपास उनके जैसे कई भारत हैं, जो छोटे शहरों की साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं, और जो हर दिन एक नए भारत के सपने को आगे बढ़ा रहे हैं।

अपना विचार रखिए।

Exit mobile version