“आंबेडकर पर बयान को तोड़-मरोड़ने का आरोप, अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा”

‘मैं इस्तीफा दे दूं,उन लोगों को 15 साल वहीं बैठना है’,आंबेडकर पर बयान को तोड़-मरोड़ने का आरोप, अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा”

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आंबेडकर विरोधी पार्टी है। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1990 तक प्रयास किया कि बाबा साहेब आंबेडकर को भारत रत्न न मिले। आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान के सारे मूल्यों की धज्जियां उड़ा दी।

https://x.com/AmitShah/status/1869353807848907144

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Emergency in South Korea: Martial Law Declared by President।क्या होने वाला है आगे?

Emergency in South Korea: Imagine एक देश जो modern democracy का symbol है, वहां अचानक से Emergency लग जाए! जी हां, आपने सही सुना।

South Korea के President Yoon Suk Yeol ने Tuesday को एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए “Emergency Law” की घोषणा कर दी।

ऐसा कदम पिछले 40 सालों में पहली बार उठाया गया है।

Emergency in South Korea:Martial Law का मतलब क्या है?

इस Martial Law के तहत South Korea मैं सभी राजनीतिक गतिविधियां, रैलियां और प्रदर्शन बैन कर दिए गए हैं। Media को पूरी तरह से Martial Law के control में कर दिया गया है। एवं Parliament? उसे भी इस फैसले से अलग नहीं छोड़ा गया।

लेकिन Emergency in South Korea के इस chapter मैं असली twist आया – जब South Korean Parliament ने तुरंत एक session बुलाया और Martial Law के खिलाफ vote कर दिया। फिर भी, local मीडिया YTN के मुताबिक, ये कानून तब तक लागू रहेगा जब तक President खुद इसे वापस नहीं लेते।

Emergency in South Korea situation मैं President Yoon का यह कदम क्यों?

President Yoon का कहना है कि ये फैसला opposition parties की वजह से लिया गया है जो parliamentary कामों को रोक रही थीं।

• उन्होंने opposition पर आरोप लगाया कि ये लोग देश की संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा बन रहे हैं।

• Yoon ने इसे “pro-North Korean anti-state forces” से बचाव का तरीका बताया।

लेकिन,इस emergency की कहानी इतनी सीधी नहीं है। यहां तक कि उनकी खुद की पार्टी के Parliamentary Speaker Han Dong-hoon ने भी इस कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे “democracy के लिए नुकसानदायक” कहा।

Emergency in South Korea: main events-

1. Parliament vs. President: Clash का नज़ारा समझिए-
  1. South Korea की Parliament ने Martial emergency Law के खिलाफ तेजी से कदम उठाए।
  2. National Assembly Speaker Woo Won Shik ने साफ कर दिया कि संसद और जनता लोकतंत्र की रक्षा के लिए साथ हैं।
  3. Parliament ने Soldiers को Assembly के grounds से हटने की मांग की।
2. लेकिन, यहां एक और shocking scene हुआ:

As per orders, Soldiers riot gear में Parliament में घुसने की कोशिश कर रहे थे और Parliamentary staff उन्हें fire extinguishers से रोक रहे थे।

3. Protests और Public Reaction

President Yoon के South Korea मैं emergency लागू करने के बाद देशभर में गुस्सा और विरोध देखने को मिला।

• Parliament के बाहर massive protests शुरू हो गए।

• लोग नारे लगा रहे थे – “Withdraw Martial Law!” “ withdraw emergency law in South Korea”

• Social media पर भी लोग अपनी democracy के लिए चिंता जता रहे हैं।

4. Doctors पर भी असर पड़ा!

South Korea में चल रही Doctors की strike को भी emergency Law के तहत खत्म करने का आदेश दिया गया।

• Doctors को 48 hours के अंदर काम पर लौटने का निर्देश दिया गया है।

• Warning दी गई है कि जो इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसे warrant के बिना arrest कर लिया जाएगा।

5. International Reactions: क्या कह रहा है World?

South Korea के इस emergency situation पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

White House ने confirm किया है कि वो South Korean authorities के touch में हैं।

North Korea ने अब तक कोई official reaction नहीं दिया है, लेकिन उसका ये silence चिंता का विषय बना हुआ है।

Emergency in South Korea: Democracy पर खतरा?

South Korea जैसा developed और democratic देश क्या authoritarian turn ले रहा है? ये सवाल अब हर किसी की जुबां पर है।

• Opposition parties इसे “democratic values पर हमला” बता रही हैं।

• South Korean laws के मुताबिक, अगर Parliament emergency law के खिलाफ vote करती है, तो इसे तुरंत revoke करना होगा।

तो अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि President Yoon इस growing pressure के आगे झुकते हैं या political unrest और बढ़ेगा।

क्या होगा South Korea का भविष्य?

इस वक्त South Korea democracy और authoritarianism के बीच फंसा हुआ है। Protests और international pressure बढ़ रहे हैं। क्या South Korea इस crisis से अपने democratic values को intact रखते हुए बाहर निकलेगा?

आने वाले दिन बताएंगे कि South Korea का ये political drama किस ओर जाएगा। एक बात तो तय है – ये एक ऐसी situation है जिसे पूरी दुनिया देख रही है।

चुनाव मैं धाँधली।Irregularities in Maharashtra and Haryana:Congress Slams:EVM fraud

चुनाव मैं धाँधली।Irregularities in Maharashtra and Haryana:EVM fraud:The Congress has highlighted serious concerns about voter data inconsistencies, EVM frauds and polling irregularities in Maharashtra, including claims of fake Aadhaar cards and unexplained voter turnout spikes. Explore the details of their memorandum to the Election Commission and the controversy surrounding recent elections.

29.11.2024 New Delhi: The Congress Party has raised serious concerns over alleged irregularities in the recently concluded Maharashtra and Haryana elections. In a detailed 12-page memorandum submitted to the Election Commission (EC), the party called for an immediate investigation, highlighting “grave discrepancies” in voter data, EVM and polling processes.

This move comes in the wake of significant losses in both states, with the BJP securing key victories. By challenging these results, the Congress seeks to ensure transparency and fairness in India’s democratic system.

Congress Alleges Voter Data Manipulation in Maharashtra

The Congress has pointed out suspicious voter roll changes in Maharashtra, alleging a “systematic attempt” to suppress votes favoring the Maha Vikas Aghadi (MVA) alliance, of which it is a key member. According to the party:

• 47 lakh voters were added to the electoral rolls between July and November 2024.

• In 50 Assembly constituencies, voter rolls increased by an average of 50,000, with the BJP and its allies winning 47 of those seats.

The party cited Tuljapur as an example, claiming voter fraud using fake Aadhaar cards. Tuljapur, a traditional Congress stronghold, was unexpectedly won by the BJP’s Ranajagjitsinha Patil, defeating Congress veteran Madhukarrao Chavan by 37,000 votes.

Unexplained Spikes in Voter Turnout Raise Questions

The Congress also flagged discrepancies in voter turnout data. On polling day:

• The EC reported a voter turnout of 58.22% at 5 PM, which later surged to 66.05% before counting.

• Congress leaders argued that casting over 70 lakh votes in the final hour was logistically impossible.

“It defies common sense that such a volume of voting could occur within the last hour,” the party stated, questioning the accuracy and credibility of the data released by the EC.

Congress Calls Out Irregularities in Haryana Elections

The Congress has drawn parallels to alleged discrepancies in the Haryana elections, where the BJP secured a historic third term despite initial exit polls predicting a Congress win. The party raised concerns over:

• Delays in the EC publishing counting-day data online.

• Credibility of electronic voting machines (EVMs), with Congress alleging tampering.

Congress Demands Action to Protect Democracy

In its memorandum, the Congress urged the EC to:

1. Investigate the arbitrary inclusion and deletion of voter records.

2. Examine the credibility of EVMs and voter turnout figures.

3. Ensure greater transparency in future elections to uphold democratic values.

By addressing these issues, the Congress aims to strengthen public confidence in India’s electoral process. Party leaders and supporters have called on the EC to take swift and decisive action to restore faith in democracy.

Why This Matters

The Congress’ allegations have struck a chord with voters concerned about electoral transparency. With questions surrounding voter rolls, turnout data, and EVM credibility, the issue has gained significant traction across political and social circles.

For supporters of the Congress, this is a fight to preserve the integrity of the electoral process and hold those in power accountable. As the 2024 General Elections approach, these concerns could play a pivotal role in shaping the political narrative.

Why did Mukhtar & Arif target Kaushalya?:Unraveling the Mystery of a Tragic Murder दो मुस्लिम भाईयों मुख्तार ओर आरिफ की एक लाचार महिला कौशल्या और उसकी बेटी ओर बेटे के कत्ल की सुलझी गुत्थी:

Why did Mukhtar & Arif target Kaushalya:आरिफ ने मुस्कान से निकाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन मुस्कान ने साफ मना कर दिया।आरिफ के साथ संबंध मुख्तार को पसंद नहीं थे।

23 November 2024: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में 27 सितंबर 2024 को एक हिन्दू महिला की उसके 2 नाबालिग बच्चों के साथ हत्या कर दी गई थी। तीनों की लाश 15 नवंबर को पुलिस को बरामद हुई। इस मामले में मुख्तार अंसारी नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में नया खुलासा हुआ है। कत्ल में मुख्तार के साथ उसका भाई आरिफ भी शामिल था। दोनों भाइयों के माँ-बेटी से अवैध संबंध थे।

आरिफ ने मुस्कान से निकाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन मुस्कान ने साफ मना कर दिया। आरिफ को लगा कि मुस्कान का किसी और लड़के से अफेयर है। इससे नाराज आरिफ ने मुस्कान की हत्या की planning की। इस साजिश में उसने अपने भाई मुख्तार को भी शामिल कर लिया। हालाँकि,कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि आरिफ के साथ संबंध मुख्तार को पसंद नहीं थे। 

जो भी हो, घटना के एक दिन पहले याने 26 सितंबर को मुख्तार मुस्कान के घर पहुँचा। उसने मुस्कान, 37 साल की माँ कौशल्या और उसके 5 वर्षीय भाई मिंटू को बेतला नेशनल पार्क घुमाने का option दिया। तीनों तैयार हो गए तो मुख्तार इन सबको एक बाइक पर बैठाकर कुसुमी से बलरामपुर अपने घर ले आया। यहाँ इन्हें आरिफ भी मिला। थोड़े समय के बाद आरिफ कहीं चला गया। वह फिर रात में लौटकर आया। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य आरोपि झाड़-फूँक का काम करता था। इसी बहाने से कौशल्या नाम की मृतक महिला के घर उसका आना-जाना था। कुछ ही दिनों में मुख्तार और कौशल्या में प्रेम संबंध बन गए। इसी दौरान मुख्तार का छोटा भाई आरिफ भी कौशल्या के घर आने-जाने लगा। उसने कुछ ही दिनों में कौशल्या की 17 वर्षीया नाबालिग बेटी मुस्कान को भी अपने प्यार के जाल में फँसा लिया।

रात में 38 वर्षीय मुख्तार, कौशल्या, मुस्कान, और आरिफ ने एक साथ खाना बाना खाया। जब कौशल्या अपने बेटे और बेटीके साथ गहरी नींद में सो गई, तब वहाँ आरिफ आ पहुँचा। उसने मुस्कान के पेट में चाकू मार दिया। मुस्कान की चीख सुनकर कौशल्या जाग गई। तभी मुख्तार ने कौशल्या के सिर पर कुल्हाड़ी मार दी। इसी दौरान कौशल्या का बेटा मिंटू भी जाग गया। 

मूलत: झारखंड के रहने वाले मुख्तार और आरिफ ने मिंटू को भी कुल्हाड़ी से वार करके मार डाला। उन्होंने तीनों की लाश को पास के ही एक खेत में फेंक दिया। खेत से लौटकर मुख्तार और आरिफ घर में फैले खून को साफ किए। इसके बाद दोनों अलग-अलग ठिकानों की तरफ फरार हो गए। लम्बे समय तक खेतों में कोई नहीं गया था। इसलिए तीनों मृतकों के शरीर पानी में गल गए और सिर्फ कंकाल बचे।

पुलिस ने कंकाल को बरामद करके जाँच शुरू की थी तो आखिरकार इस कत्ल की गुत्थी सुलझ गई। मुख्तार के बाद अब उसके भाई आरिफ अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238, 140(3) और 138(2) के तहत कार्रवाई की गई है। कत्ल में प्रयोग हुई कुल्हाड़ी और चाकू को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। 

बताते दें कि मुख्तार अंसारी ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अलग ही कहानी गढ़कर गुमराह करने की कोशिश की थी। तब उसने बताया था कि मुस्कान के प्यार में फँसकर उसका भाई आरिफ अंसारी घर पर पैसे नहीं भेज रहा था। माहौल को और इमोशनल बनाने के लिए उसने इस पैसे से अपने बीमार अब्बा जान का इलाज होने की बात भी कही थी। आखिरकार कुछ समय बाद इस झूठी कहानी का पर्दा फास हो गया।

editor- अयोध्या प्रसाद शुक्ल

Biggest Bitcoin fraud of 800 million USD: ED Raid Gaurav Mehta’s house of Raipur

रायपुर. महत्वपूर्ण- मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की पूर्व संध्या पर, पुणे के पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल द्वारा बारामती सांसद और एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले, साथ ही महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के खिलाफ सबसे बड़े बिटकॉइन फ्रॉड (biggest bitcoin fraud) के गंभीर आरोप लगाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कथित वॉयस नोट्स जारी करते हुए इस आरोप को दावा किया, जिसमें उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए 800 मिलियन USD कीमत के बिटकॉइन को भुनाने की साजिश में सुप्रिया सुले और नाना पटोले शामिल हैं।

भाजपा नेताओं ने इस biggest bitcoin fraud मैं आरोप लगाया कि इस योजना का उद्देश्य चुनावों में हेरफेर करना था, जिससे चुनावों की निष्पक्षता और अखंडता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सुप्रिया सुले ने आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि भारतीय जनता पार्टी इस स्तर तक नीचे आने को तैयार है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने 2018 के क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में बिटकॉइन का दुरुपयोग किया था और इसका इस्तेमाल महाराष्ट्र में चल रहे विधानसभा चुनावों में फंडिंग के लिए किया था। रवींद्रनाथ पाटिल ने कहा कि वह जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, पूर्व आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुणे के तत्कालीन पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता और साइबर अपराध जांच को संभालने वाले तत्कालीन पुलिस उपायुक्त भाग्यश्री नौटके बिटकॉइन के दुरुपयोग में शामिल थे, जिसका अंततः दो राजनीतिक नेता द्वारा उपयोग किया जा रहा है
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावों का समर्थन किया. त्रिवेदी ने तीन ऑडियो क्लिप पेश करते हुए दावा किया कि ये सबूत हैं कि नाना पटोले और सुप्रिया सुले इस "बिटकॉइन घोटाले" में शामिल थे।

कांग्रेस से बीजेपी के 5 सवाल-

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और सुप्रिया सुले से बिटक्वाइन ट्रांजेक्शन को लेकर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि ऑडियो क्लिप, मैं कथित तौर पर एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले की आवाज में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘बिटकॉइन के बदले नकदी चाहिए। आपको किसी जांच की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम सत्ता में आने के बाद इसे संभाल लेंगे।’ इस ऑडियो में सुप्रिया सुले कथित तौर पर गौरव मेहता नाम के शख्स से बात कर रही हैं।

क्या कांग्रेस पार्टी या उनके नेता का बिटकॉइन की ट्रांजेक्शन से कोई लेना-देना है?
डीलर गौरव मेहता या गुप्ता नामक व्यक्ति से क्या संबंध या संपर्क है?
गौरव मेहता या गुप्ता से किसी प्रकार का संवाद हुआ है या नही?
ये आपकी आवाज है या नहीं?
इसमें जो बिग पीपल बोला गया है वो बड़े लोग कौन है?

आपको बता दें कि ये ऑडियो क्लिप एक व्हाट्सएप चैट, जो बिटकॉइन कंपनी मैं काम करने वाले एक कर्मचारी गौरव मेहता और पूर्व IPS अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल के बीच की बताई जा रही है

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार (नवंबर 20, 2024) को गौरव मेहता के रायपुर छत्तीसगढ़ परिसर में तलाशी ली, जो कथित तौर पर चुनावी राज्य महाराष्ट्र में बिटकॉइन लेनदेन मामले से जुड़ा है।

CBI अधिकारी, रायपुर

आपको बता दें कि गौरव मेहता रायपुर के ही रहने वाले हैं ओर उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान, (NIT) रायपुर से मेटलर्जी मैं प्राप्त की थी, वे CATAX.app नामक एक क्रिप्टो टैक्स कंपनी के CEO ओर फाउंडर हैं, जिसका संबंध इस 800 Million dollars के साथ बताया जा रहा है

 

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